बन्दूक

अगर कहीं मिलती बन्दूक

अगर कहीं मिलती बन्दूक,
उसको करता मैं दो टूक
नली निकाल बना पिचकारी,
रंग देता यह दुनिया सारी


 लेखक- अज्ञात

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