पहली उडान
पहली उड़ान
उड़ जाओ तुम बच्चे नहीं,
पंख अपने फैलाओ जरा।
आंख मूंदकर बैठो नहीं,
कदम आगे बढ़ाओ जरा।
समय आया है उड़ने का,
नभ के छोर छूने का,
हमेशा ऊंचा उड़ने का।
अब हमसे पृथक ही
चलना होगा
खुद संसार बसाना होगा।
लड़ जाओ हवाओ से,
तुम अब कमजोर नहीं,
अपनी ताकत दिखाओ जरा।
गिरकर कभी टूटना नहीं,
आगे और बढ़ जाओ जरा।
दाना तुम्हे ही लाना होगा,
नीड़ अपना बनाना होगा,
शिकारी से नजर बचाकर,
जीवन अपना बचना होगा।
निकल पड़ना तुफानो में भी,
सामर्थ्य अपनी बताना होगा।
उड़ जाओ तुम बच्चे नहीं
बाहें अपनी फैलाओ जरा।
पैर मरोड़कर बैठो नहीं,
कदमताल हो जाये जरा।
उड़ जाओ तुम बच्चे नहीं,
पंख अपने फैलाओ जरा।
आंख मूंदकर बैठो नहीं,
कदम आगे बढ़ाओ जरा।
समय आया है उड़ने का,
नभ के छोर छूने का,
हमेशा ऊंचा उड़ने का।
अब हमसे पृथक ही
चलना होगा
खुद संसार बसाना होगा।
लड़ जाओ हवाओ से,
तुम अब कमजोर नहीं,
अपनी ताकत दिखाओ जरा।
गिरकर कभी टूटना नहीं,
आगे और बढ़ जाओ जरा।
दाना तुम्हे ही लाना होगा,
नीड़ अपना बनाना होगा,
शिकारी से नजर बचाकर,
जीवन अपना बचना होगा।
निकल पड़ना तुफानो में भी,
सामर्थ्य अपनी बताना होगा।
उड़ जाओ तुम बच्चे नहीं
बाहें अपनी फैलाओ जरा।
पैर मरोड़कर बैठो नहीं,
कदमताल हो जाये जरा।

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